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الحاقة

आयत 12

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

لِنَجْعَلَهَا لَكُمْ تَذْكِرَةً وَتَعِيَهَآ أُذُنٌ وَٰعِيَةٌ ﴿١٢﴾

ताकि हम नाव और उसकी कहानी को एक उपदेश बना दें, जिससे काफ़िरों को नष्ट करने और ईमान वालों को मुक्ति प्रदान करने पर प्रमाण ग्रहण किया जाए और उसे ऐसे कान याद रखें जो सुनी हुई बातों को याद रखने वाले हैं।