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القلم

आयत 31

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالُوا۟ يَـٰوَيْلَنَآ إِنَّا كُنَّا طَـٰغِينَ ﴿٣١﴾

उन्होंने पछतावे से कहा : हाय हमारी क्षति! निश्चय हम ही ग़रीबों के हक़ को रोकने की योजना बनाकर हद से बढ़ गए थे।