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الصف

आयत 4

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنَّ ٱللَّهَ يُحِبُّ ٱلَّذِينَ يُقَـٰتِلُونَ فِى سَبِيلِهِۦ صَفًّا كَأَنَّهُم بُنْيَـٰنٌ مَّرْصُوصٌ ﴿٤﴾

निःसंदेह अल्लाह उन मोमिन बंदों से प्रेम करता है, जो उसके मार्ग में उसकी प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए इस तरह पंक्तिबद्ध होकर युद्ध करते हैं, गोया वे एक सीसा पिलाई हुई इमारत हैं।