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الممتحنة

आयत 8

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

لَّا يَنْهَىٰكُمُ ٱللَّهُ عَنِ ٱلَّذِينَ لَمْ يُقَـٰتِلُوكُمْ فِى ٱلدِّينِ وَلَمْ يُخْرِجُوكُم مِّن دِيَـٰرِكُمْ أَن تَبَرُّوهُمْ وَتُقْسِطُوٓا۟ إِلَيْهِمْ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ يُحِبُّ ٱلْمُقْسِطِينَ ﴿٨﴾

अल्लाह तुम्हें उन लोगों से नहीं रोकता, जिन्होंने तुमसे तुम्हारे मुसलमान होने के कारण युद्ध नहीं किया और तुम्हें तुम्हारे घरों से नहीं निकाला, कि तुम उनके साथ अच्छा व्यवहार करो और उनके बीच न्याय करते हुए उनका तुम्हारे ऊपर जो कुछ हक़ है उसे उन्हें दे दो। निश्चय अल्लाह उन न्याय करने वालों से प्रेम करता है, जो अपने आप में, अपने परिवारों में और जिनके वे ज़िम्मेदार होते हैं, उनके साथ न्याय करते हैं।