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الأنعام

आयत 32

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَمَا ٱلْحَيَوٰةُ ٱلدُّنْيَآ إِلَّا لَعِبٌ وَلَهْوٌ ۖ وَلَلدَّارُ ٱلْـَٔاخِرَةُ خَيْرٌ لِّلَّذِينَ يَتَّقُونَ ۗ أَفَلَا تَعْقِلُونَ ﴿٣٢﴾

इस संसार का जीवन जिसके प्रति तुम्हारा झुकाव है, उस व्यक्ति के लिए खेल-कूद और धोखे के सिवा कुछ नहीं है, जो इसमें अल्लाह को प्रसन्न करने वाला काम नहीं करता है। रही बात आख़िरत के घर की, तो यह उन लोगों के लिए बेहतर है, जो अल्लाह से डरते हैं, अतएव उसके ईमान और आज्ञाकारिता के आदेश का पालन करते हैं, तथा उसके शिर्क और अवज्ञा के निषेध से बचते हैं। तो क्या (ऐ बहुदेववादियो!) तुम इस बात को नहीं समझते?! ताकि तुम ईमान लाओ और अच्छे कर्म करो।