तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَن جَآءَ بِٱلْحَسَنَةِ فَلَهُۥ عَشْرُ أَمْثَالِهَا ۖ وَمَن جَآءَ بِٱلسَّيِّئَةِ فَلَا يُجْزَىٰٓ إِلَّا مِثْلَهَا وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ ﴿١٦٠﴾
जो मोमिन क़ियामत के दिन एक नेकी के साथ आएगा, अल्लाह उसकी एक नेकी को बढ़ाकर दस नेकियाँ कर देगा, परंतु जो एक पाप के साथ आएगा, उसे उसके पाप के समान ही सज़ा दी जाएगी, उससे ज़्यादा सज़ा नहीं दी जाएगी। तथा क़ियामत के दिन उनकी नेकियों का सवाब घटाकर, या उनके गुनाहों की सज़ा बढ़ाकर उनपर कोई अत्याचार नहीं किया जाएगा।