तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَعَلَى ٱلَّذِينَ هَادُوا۟ حَرَّمْنَا كُلَّ ذِى ظُفُرٍ ۖ وَمِنَ ٱلْبَقَرِ وَٱلْغَنَمِ حَرَّمْنَا عَلَيْهِمْ شُحُومَهُمَآ إِلَّا مَا حَمَلَتْ ظُهُورُهُمَآ أَوِ ٱلْحَوَايَآ أَوْ مَا ٱخْتَلَطَ بِعَظْمٍ ۚ ذَٰلِكَ جَزَيْنَـٰهُم بِبَغْيِهِمْ ۖ وَإِنَّا لَصَـٰدِقُونَ ﴿١٤٦﴾
और हमने यहूदियों पर उन तमाम जानवरों को हराम कर दिया था, जिनकी उंगलियाँ अलग-अलग न हों, जैसे ऊँट तथा शुतुरमुर्ग़ आदि। तथा हमने उनपर गाय और बकरी की चर्बी को भी हराम कर दिया था, सिवाय उसके जो उनकी पीठ या आँत से लगी हो, या जो हड्डियों के साथ मिश्रित हो, जैसे नितंब और पहलू की चर्बी। हमने उनके अत्याचार के बदले के तौर पर, इन चीज़ों को उनपर हराम किया था। निःसंदेह हम जो कुछ भी बताते हैं, निश्चय उसमें सच्चे हैं।