×

الأنعام

आयत 123

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَكَذَٰلِكَ جَعَلْنَا فِى كُلِّ قَرْيَةٍ أَكَـٰبِرَ مُجْرِمِيهَا لِيَمْكُرُوا۟ فِيهَا ۖ وَمَا يَمْكُرُونَ إِلَّا بِأَنفُسِهِمْ وَمَا يَشْعُرُونَ ﴿١٢٣﴾

जिस प्रकार मक्का में हुआ कि बहुदेववादियों के प्रमुखों ने अल्लाह के रास्ते से रोकने का काम किया, उसी तरह हमने हर बस्ती में सरदार और महापुरुष बनाए, जो शैतान के मार्ग की ओर बुलाने तथा रसूलों और उनके अनुयायियों से लड़ने की खातिर अपनी चालें चलते हैं। हालाँकि तथ्य यह है कि उनकी चालें खुद उन्हीं पर लौट आती हैं, लेकिन वे अपनी अज्ञानता और इच्छाओं का अनुसरण करने के कारण इसे महसूस नहीं करते हैं।