×

الأنعام

आयत 115

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَتَمَّتْ كَلِمَتُ رَبِّكَ صِدْقًا وَعَدْلًا ۚ لَّا مُبَدِّلَ لِكَلِمَـٰتِهِۦ ۚ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلْعَلِيمُ ﴿١١٥﴾

क़ुरआन बातों और ख़बरों में सत्य की पराकाष्ठा को पहुँचा हुआ है। उसकी बातों को कोई बदलने वाला नहीं। वह अपने बंदों की बातों को सुनने वाला, उन्हें जानने वाला है। इसलिए उनमें से कुछ भी उससे छिपा नहीं है, और वह उन लोगों को बदला देगा जो उसकी बातों को बदलने की चेष्टा करते हैं।