तफ़सीर अल-मुख़्तसर
بَدِيعُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۖ أَنَّىٰ يَكُونُ لَهُۥ وَلَدٌ وَلَمْ تَكُن لَّهُۥ صَـٰحِبَةٌ ۖ وَخَلَقَ كُلَّ شَىْءٍ ۖ وَهُوَ بِكُلِّ شَىْءٍ عَلِيمٌ ﴿١٠١﴾
वही महिमावान और सर्वशक्तिमान आकाशों तथा धरती को बिना किसी पूर्व उदाहरण के बनाने वाला है। उसकी संतान कैसे होगी, जबकि उसकी कोई पत्नी ही नहीं?! तथा उसी ने सब कुछ पैदा किया है और वह हर चीज़ का ज्ञान रखने वाला है, कोई चीज़ उससे छिपी नहीं है।