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الواقعة

आयत 2

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

لَيْسَ لِوَقْعَتِهَا كَاذِبَةٌ ﴿٢﴾

कोई प्राणी ऐसा नहीं होगा, जो उसका इनकार करे, जैसे दुनिया में इनकार कर देता था।