तफ़सीर अल-मुख़्तसर
بِأَكْوَابٍ وَأَبَارِيقَ وَكَأْسٍ مِّن مَّعِينٍ ﴿١٨﴾
वे उनके आस-पास ऐसे प्यालों के साथ जिनके दस्ते नहीं होते, ऐसी सुराहियों के साथ जिनके दस्ते होते हैं और छलकते जाम लेकर फिर रहे होंगे, जो जन्नत में बहने वाली शराब के होंगे, जिनके सोते कभी बंद नहीं होंगे।