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الرحمن

आयत 4

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

عَلَّمَهُ ٱلْبَيَانَ ﴿٤﴾

उसे सिखाया कि अपने दिल की बात को मौखिक और लिखित रूप में कैसे व्यक्त करे।