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النجم

आयत 61

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَأَنتُمْ سَـٰمِدُونَ ﴿٦١﴾

और तुम उससे ग़ाफ़िल हो, उसकी परवाह नहीं करते?!