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النجم

आयत 3

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَمَا يَنطِقُ عَنِ ٱلْهَوَىٰٓ ﴿٣﴾

और वह इस क़ुरआन को अपनी इच्छा से नहीं बोलते हैं।