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النجم

आयत 25

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَلِلَّهِ ٱلْـَٔاخِرَةُ وَٱلْأُولَىٰ ﴿٢٥﴾

नहीं, उसके लिए वह कुछ नहीं है, जिसकी वह कामना करे। क्योंकि दुनिया और आख़िरत केवल अल्लाह के हाथ में हैं। वह उन दोनों में से जो चाहता है, देता है और जो चाहता है, रोक लेता है।