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النجم

आयत 22

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

تِلْكَ إِذًا قِسْمَةٌ ضِيزَىٰٓ ﴿٢٢﴾

यह बँटवारा जो तुमने अपनी इच्छाओं के अनुसार किया है, एक अनुचित (अन्यायपूर्ण) बँटवारा है।