तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ يَتَسَآءَلُونَ ﴿٢٥﴾
और जन्नत के कुछ लोग कुछ दूसरों की ओर मुतवज्जह होकर, एक-दूसरे से दुनिया में उनकी स्थिति के बारे में पूछ रहे होंगे।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَأَقْبَلَ بَعْضُهُمْ عَلَىٰ بَعْضٍ يَتَسَآءَلُونَ ﴿٢٥﴾