तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱسْتَمِعْ يَوْمَ يُنَادِ ٱلْمُنَادِ مِن مَّكَانٍ قَرِيبٍ ﴿٤١﴾
और (ऐ रसूल!) ध्यान से सुनें, जिस दिन सूर में दूसरी बार फूँक मारने पर नियुक्त फ़रिश्ता निकट स्थान से आवाज़ देगा।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱسْتَمِعْ يَوْمَ يُنَادِ ٱلْمُنَادِ مِن مَّكَانٍ قَرِيبٍ ﴿٤١﴾