तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِذْ قَالَ مُوسَىٰ لِقَوْمِهِۦ يَـٰقَوْمِ ٱذْكُرُوا۟ نِعْمَةَ ٱللَّهِ عَلَيْكُمْ إِذْ جَعَلَ فِيكُمْ أَنۢبِيَآءَ وَجَعَلَكُم مُّلُوكًا وَءَاتَىٰكُم مَّا لَمْ يُؤْتِ أَحَدًا مِّنَ ٱلْعَـٰلَمِينَ ﴿٢٠﴾
(ऐ रसूल!) उस समय को याद करो, जब मूसा अलैहिस्सलाम ने अपनी जाति बनी इसराईल से कहा : ऐ मेरी जाति के लोगो! तुम अपने दिलों से तथा अपनी ज़बानों से अपने ऊपर अल्लाह की उस नेमत को याद करो जब उसने तुममें से कुछ नबी बनाए, जो तुम्हें मार्गदर्शन की ओर बुलाते थे, तथा तुम्हें बादशाह बनाए कि तुम खुद के मामलों के मालिक हो गए जबकि तुम दास और ग़ुलाम हुआ करते थे, तथा उसने तुम्हें अपनी नेमतों में से वह प्रदान किया, जो उसने तुम्हारे समय में दुनिया वालों में से किसी को भी नहीं दिया।