तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَوْ قَـٰتَلَكُمُ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ لَوَلَّوُا۟ ٱلْأَدْبَـٰرَ ثُمَّ لَا يَجِدُونَ وَلِيًّا وَلَا نَصِيرًا ﴿٢٢﴾
और यदि अल्लाह और उसके रसूल का इनकार करने वाले (ऐ ईमान वालो!) तुमसे युद्ध करते, तो तुम्हारे सामने पराजित होकर भाग खड़े होते, फिर वे अपने मामलों को संभालने के लिए न कोई संरक्षक पाते, और न ही उन्हें कोई सहायक मिलता, जो तुम्हारे ख़िलाफ़ लड़ने में उनकी मदद करता।