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الفتح

आयत 12

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

بَلْ ظَنَنتُمْ أَن لَّن يَنقَلِبَ ٱلرَّسُولُ وَٱلْمُؤْمِنُونَ إِلَىٰٓ أَهْلِيهِمْ أَبَدًا وَزُيِّنَ ذَٰلِكَ فِى قُلُوبِكُمْ وَظَنَنتُمْ ظَنَّ ٱلسَّوْءِ وَكُنتُمْ قَوْمًۢا بُورًا ﴿١٢﴾

तुमने माल और बाल-बच्चों की देखभाल में व्यस्त होने का जो बहाना पेश किया है, वह तुम्हारे रसूल के साथ न चलने का (वास्तविक) कारण नहीं है। बल्कि, तुमने सोचा था कि रसूल और उनके साथी सभी नष्ट हो जाएँगे, और मदीना में अपने परिवारों के पास नहीं लौटेंगे। शैतान ने इस सोच को तुम्हारे दिलों में सुंदर बना दिया था। तथा तुमने अपने पालनहार के बारे में बुरा गुमान किया कि वह अपने नबी की मदद नहीं करेगा। दरअसल, तुम अल्लाह के बारे में बुरा सोचने और उसके रसूल के साथ चलने से पीछे रहने के कारण, थे ही विनाश होने वाले लोग।