तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَلَا تَهِنُوا۟ وَتَدْعُوٓا۟ إِلَى ٱلسَّلْمِ وَأَنتُمُ ٱلْأَعْلَوْنَ وَٱللَّهُ مَعَكُمْ وَلَن يَتِرَكُمْ أَعْمَـٰلَكُمْ ﴿٣٥﴾
अतः (ऐ मोमिनो!) तुम अपने दुश्मन का सामना करने में कमज़ोर न बनो और उनकी ओर सुलह का हाथ न बढ़ाओ, इससे पहले कि वे तुम्हारी ओर सुलह का हाथ बढ़ाएँ। तथा तुम ही उनपर प्रभुत्वशाली और विजयी हो। और अल्लाह अपनी सहायता और समर्थन के साथ तुम्हारे संग है। वह तुम्हारे कर्मों के प्रतिफल को ज़रा भी कम नहीं करेगा, बल्कि अपने अनुग्रह और कृपा से तुम्हें बढ़ाकर देगा।