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محمد

आयत 25

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنَّ ٱلَّذِينَ ٱرْتَدُّوا۟ عَلَىٰٓ أَدْبَـٰرِهِم مِّنۢ بَعْدِ مَا تَبَيَّنَ لَهُمُ ٱلْهُدَى ۙ ٱلشَّيْطَـٰنُ سَوَّلَ لَهُمْ وَأَمْلَىٰ لَهُمْ ﴿٢٥﴾

निश्चय जो लोग अपने ईमान से कुफ़्र और निफ़ाक़ की ओर फिर गए, इसके बाद कि उनपर तर्क स्थापित हो गया और नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सच्चाई उनके लिए स्पष्ट हो गई। दरअसल शैतान ही है जिसने उनके लिए कुफ़्र और निफ़ाक़ को सुशोभित किया है और उसे उनके लिए आसान बना दिया है और उन्हें लंबी आशा दिलाई है।