तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قُلْ مَا كُنتُ بِدْعًا مِّنَ ٱلرُّسُلِ وَمَآ أَدْرِى مَا يُفْعَلُ بِى وَلَا بِكُمْ ۖ إِنْ أَتَّبِعُ إِلَّا مَا يُوحَىٰٓ إِلَىَّ وَمَآ أَنَا۠ إِلَّا نَذِيرٌ مُّبِينٌ ﴿٩﴾
(ऐ रसूल!) आप इन मुश्रिकों से, जो आपकी नुबुव्वत को झुठलाते हैं, कह दें : मैं कोई पहला रसूल नहीं हूँ, जिसे अल्लाह ने भेजा है, कि तुम मेरे आह्वान पर आश्चर्यचकित हो। मुझसे पहले बहुत-से रसूल गुज़र चुके हैं। और मैं नहीं जानता कि अल्लाह दुनिया में मेरे साथ क्या करेगा और तुम्हारे साथ क्या करेगा। मैं तो केवल अल्लाह की वह़्य (प्रकाशना) का पालन करता हूँ। मैं केवल वही कहता और करता हूँ जो वह मुझे वह़्य द्वारा निर्देश देता है। मैं तो केवल एक सावधान करने वाला हूँ, तुम्हें अल्लाह की यातना से, स्पष्ट तौर पर, सावधान करता हूँ।