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الأحقاف

आयत 12

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَمِن قَبْلِهِۦ كِتَـٰبُ مُوسَىٰٓ إِمَامًا وَرَحْمَةً ۚ وَهَـٰذَا كِتَـٰبٌ مُّصَدِّقٌ لِّسَانًا عَرَبِيًّا لِّيُنذِرَ ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ وَبُشْرَىٰ لِلْمُحْسِنِينَ ﴿١٢﴾

और इस क़ुरआन से पहले, तौरात, वह किताब जिसे अल्लाह ने मूसा अलैहिस्सलाम पर पेशवा के रूप में उतारा, जिसका सच्चाई में पालन किया जाता था, तथा उन लोगों के लिए दया के रूप में थी, जो बनी इसराईल में से उसपर ईमान लाए और उसका पालन किया। और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतारा गया यह क़ुरआन, एक ऐसी किताब है जो अपने से पहली किताबों की पुष्टि करने वाली, अरबी भाषा में है; ताकि इसके द्वारा उन लोगों को डराया जाए, जिन्होंने अल्लाह के साथ शिर्क करके और पाप करके अपने ऊपर अत्याचार किया है। तथा यह उन उपकारकों के लिए शुभ सूचना है, जिन्होंने अपने स्रष्टा के साथ अपने संबंध को तथा उसकी सृष्टि के साथ अपने संबंध को बेहतर बनाया।