तफ़सीर अल-मुख़्तसर
يَوْمَ لَا يُغْنِى مَوْلًى عَن مَّوْلًى شَيْـًٔا وَلَا هُمْ يُنصَرُونَ ﴿٤١﴾
जिस दिन कोई रिश्तेदार अपने रिश्तेदार को और कोई मित्र अपने मित्र को कुछ लाभ नहीं पहुँचाएगा, और न ही वे अल्लाह की यातना से बचाए जाएँगे। क्योंकि उस दिन सत्ता केवल अल्लाह के हाथ में होगी। कोई भी उसका दावा नहीं कर सकता।