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الشورى

आयत 43

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَمَن صَبَرَ وَغَفَرَ إِنَّ ذَٰلِكَ لَمِنْ عَزْمِ ٱلْأُمُورِ ﴿٤٣﴾

जो व्यक्ति किसी के द्वारा कष्ट दिए जाने पर धैर्य से काम लेता है और उसे माफ़ कर देता है, तो निश्चय वह धैर्य उसके लिए और समाज के लिए अच्छा होता है; और वह एक सराहनीय कार्य है। इसका सौभाग्य केवल उसी को प्राप्त होता है, जो महान भाग्य वाला है।