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فصلت

आयत 14

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِذْ جَآءَتْهُمُ ٱلرُّسُلُ مِنۢ بَيْنِ أَيْدِيهِمْ وَمِنْ خَلْفِهِمْ أَلَّا تَعْبُدُوٓا۟ إِلَّا ٱللَّهَ ۖ قَالُوا۟ لَوْ شَآءَ رَبُّنَا لَأَنزَلَ مَلَـٰٓئِكَةً فَإِنَّا بِمَآ أُرْسِلْتُم بِهِۦ كَـٰفِرُونَ ﴿١٤﴾

जब उनके पास उनके रसूल, एक-दूसरे के बाद, एक ही आह्वान लेकर आए और उन्हें आदेश दिया कि एक अल्लाह के सिवा किसी की इबादत न करें, तो उनमें से काफ़िरों ने कहा : यदि हमारा रब चाहता, तो हमारी आेर फ़िश्तों को रसूल बनाकर भेजता। अतः, तुम जिस बात के साथ भेजे गए हो, हम उसे नहीं मानते। क्योंकि तुम हमारे ही जैसे इनसान हो।