तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِن مِّنْ أَهْلِ ٱلْكِتَـٰبِ إِلَّا لَيُؤْمِنَنَّ بِهِۦ قَبْلَ مَوْتِهِۦ ۖ وَيَوْمَ ٱلْقِيَـٰمَةِ يَكُونُ عَلَيْهِمْ شَهِيدًا ﴿١٥٩﴾
अह्ले किताब (यहूदियों एवं ईसाइयों) में से हर व्यक्ति, ईसा अलैहिस्सलाम पर उनके अंतिम युग में उतरने के पश्चात और उनकी मृत्यु से पहले अवश्य ईमान लाएगा, तथा क़ियामत के दिन ईसा अलैहिस्सलाम उनके कर्मों के साक्षी होंगे; कि उनमें से क्या शरीयत के अनुसार है और क्या उसके ख़िलाफ़।