तफ़सीर अल-मुख़्तसर
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تَتَّخِذُوا۟ ٱلْكَـٰفِرِينَ أَوْلِيَآءَ مِن دُونِ ٱلْمُؤْمِنِينَ ۚ أَتُرِيدُونَ أَن تَجْعَلُوا۟ لِلَّهِ عَلَيْكُمْ سُلْطَـٰنًا مُّبِينًا ﴿١٤٤﴾
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने और उसके रसूल का अनुसरण करने वालो! अल्लाह के साथ कुफ़्र करनेवालों को घनिष्ठ मित्र न बनाओ कि मोमिनों को छोड़कर उनसे दोस्ती गाँठो। क्या तुम अपने इस कार्य से अल्लाह को, अपने यातना के हक़दार होने का स्पष्ट प्रमाण देना चाहते हो?