तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَن يَعْصِ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ وَيَتَعَدَّ حُدُودَهُۥ يُدْخِلْهُ نَارًا خَـٰلِدًا فِيهَا وَلَهُۥ عَذَابٌ مُّهِينٌ ﴿١٤﴾
और जो अल्लाह और उसके रसूल की अवज्ञा करेगा उसके आदेशों को निरस्त करके और उनपर अमल करना त्याग करके, या उनके सत्य होने में संदेह करके, और जो उसके बनाए हुए कानून की सीमाओं का उल्लंघन करेगा, अल्लाह उसे जहन्नम की आग में दाखिल करेगा जिसमें वह हमेशा रहेगा और उसमें उसके लिए अपमानजनक यातना होगी।