तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَّيْسَ بِأَمَانِيِّكُمْ وَلَآ أَمَانِىِّ أَهْلِ ٱلْكِتَـٰبِ ۗ مَن يَعْمَلْ سُوٓءًا يُجْزَ بِهِۦ وَلَا يَجِدْ لَهُۥ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَلِيًّا وَلَا نَصِيرًا ﴿١٢٣﴾
मोक्ष और सफलता का मामला - ऐ मुसलमानो! - तुम्हारी कामनाओं पर या अह्ले किताब की कामनाओं पर निर्भर नहीं है। बल्कि, यह मामला काम से जुड़ा है। इसलिए तुममें से जो भी बुरा काम करेगा, क़यामत के दिन उसका बदला पाएगा। उसे अल्लाह के सिवा कोई संरक्षक नहीं मिलेगा, जो उसे लाभ पहुँचा सके और न उसे कोई सहायक मिलेगा, जो उससे नुक़सान को टाल सके।