तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَأَشْرَقَتِ ٱلْأَرْضُ بِنُورِ رَبِّهَا وَوُضِعَ ٱلْكِتَـٰبُ وَجِا۟ىٓءَ بِٱلنَّبِيِّـۧنَ وَٱلشُّهَدَآءِ وَقُضِىَ بَيْنَهُم بِٱلْحَقِّ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ ﴿٦٩﴾
जब महिमावान पालनहार अपने बंदों के बीच निर्णय करने के लिए प्रकट होगा, तो धरती चमक उठेगी, और लोगों के कर्मपत्र खोलकर सामने रख दिए जाएँगे, और नबियों को लाया जाएगा, तथा मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की उम्मत को नबियों के पक्ष में उनकी जातियों के विरुद्ध गवाही देने के लिए उपस्थित किया जाएगा, और अल्लाह समस्त लोगों के बीच न्याय के साथ फ़ैसला कर देगा और उस दिन लोगों पर किसी प्रकार का कोई अत्याचार नहीं होगा। अतः न किसी इनसान के गुनाह में कोई वृद्धि की जाएगी और न किसी की नेकी को घटाया जाएगा।