तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَّهُۥ مَقَالِيدُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۗ وَٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ بِـَٔايَـٰتِ ٱللَّهِ أُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْخَـٰسِرُونَ ﴿٦٣﴾
आकाशों तथा धरती की धन-संपत्तियों के खज़ानों की कुंजियाँ केवल उसी के पास हैं। वह जिसे चाहता है, धन-दौलत प्रदान करता है और जिसे चाहता है वंचित रखता है। तथा जिन लोगों ने अल्लाह की आयतों का इनकार किया, वही लोग क्षति में हैं। क्योंकि वे सांसारिक जीवन में ईमान की दौलत से वंचित रहे और आख़िरत में जहन्नम में प्रवेश करेंगे, जहाँ उन्हें हमेशा रहना पड़ेगा।