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الزمر

आयत 58

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَوْ تَقُولَ حِينَ تَرَى ٱلْعَذَابَ لَوْ أَنَّ لِى كَرَّةً فَأَكُونَ مِنَ ٱلْمُحْسِنِينَ ﴿٥٨﴾

या जब यातना नज़र आने लगे, तो कामना करते हुए कहे कि काश मुझे संसार मे फ़िरकर जाने मिलता, तो मैं अल्लाह से क्षमा याचना करता और उन लोगों में शामिल हो जाता, जो अच्छे कार्य करते हैं।