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الزمر

आयत 44

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قُل لِّلَّهِ ٱلشَّفَـٰعَةُ جَمِيعًا ۖ لَّهُۥ مُلْكُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ ۖ ثُمَّ إِلَيْهِ تُرْجَعُونَ ﴿٤٤﴾

ऐ रसूल! आप इन बहुदेववादियों से कह दें कि सारी अनुशंसा तो अल्लाह के अधिकार में है। उसकी अनुमति के बग़ैर कोई सिफ़ारिश नहीं कर सकता और सिफ़ारिश भी उसी की कर सकता है, जिससे अल्लाह राज़ी हो। आकाशों तथा धरती का राज्य उसी के लिए है। फिर उसी की ओर तुम क़ियामत के दिन लौटाए जाओगे, और वह तुम्हें तुम्हारे कर्मों का प्रतिफल देगा।