तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَن يَأْتِيهِ عَذَابٌ يُخْزِيهِ وَيَحِلُّ عَلَيْهِ عَذَابٌ مُّقِيمٌ ﴿٤٠﴾
तुम्हें शीघ्र ही मालूम हो जाएगा कि किसपर दुनिया में अपमानकारी यातना आएगी तथा आख़िरत में स्थायी सज़ा उतरेगी, जो न कभी रुकेगी, न कभी खत्म होगी।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَن يَأْتِيهِ عَذَابٌ يُخْزِيهِ وَيَحِلُّ عَلَيْهِ عَذَابٌ مُّقِيمٌ ﴿٤٠﴾