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الزمر

आयत 19

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَفَمَنْ حَقَّ عَلَيْهِ كَلِمَةُ ٱلْعَذَابِ أَفَأَنتَ تُنقِذُ مَن فِى ٱلنَّارِ ﴿١٩﴾

जिस व्यक्ति पर उसके कुफ़्र और गुमराही पर बने रहने के कारण यातना की बात सिद्ध हो चुकी, तो (ऐ रसूल!) उसके मार्गदर्शन और तौफ़ीक़ के लिए आपके पास कोई उपाय नहीं है। तो (ऐ रसूल!) क्या आप इस विशेषता वाले व्यक्ति को आग से बचा लेंगे?!