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आयत 65

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قُلْ إِنَّمَآ أَنَا۠ مُنذِرٌ ۖ وَمَا مِنْ إِلَـٰهٍ إِلَّا ٱللَّهُ ٱلْوَٰحِدُ ٱلْقَهَّارُ ﴿٦٥﴾

(ऐ मुहम्मद!) आप अपनी जाति के काफ़िरों से कह दें : मैं तो केवल तुम्हें अल्लाह की यातना से डराने वाला हूँ कि कहीं वह तुम्हारे कुफ़्र और रसूलों को झुठलाने के कारण तुम्हें उससे दंडित न कर दे। और अल्लाह सर्वशक्तिमान के सिवा कोई ऐसा पूज्य नहीं, जो इबादत के योग्य हो। क्योंकि वह अपनी महानता, गुणों और नामों में अकेला है। तथा वह परम प्रभुत्वशाली है, जिसने हर चीज़ को पराजित कर दिया। अतः हर चीज़ उसके अधीन है।