तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَوَهَبْنَا لَهُۥٓ أَهْلَهُۥ وَمِثْلَهُم مَّعَهُمْ رَحْمَةً مِّنَّا وَذِكْرَىٰ لِأُو۟لِى ٱلْأَلْبَـٰبِ ﴿٤٣﴾
तो हमने उनकी दुआ क़बूल कर ली। चुनाँचे उनकी तकलीफ़ दूर कर दी, उन्हें उनके घर वाले दे दिए और अपनी ओर से उनपर दया करते हुए तथा उनके सब्र के बदले में, उनके समान और भी बेटे एवं पोते प्रदान किए। ताकि सही बुद्धि रखने वाले यह याद रखें कि धैर्य का परिणाम राहत और सवाब है।