तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِذْ عُرِضَ عَلَيْهِ بِٱلْعَشِىِّ ٱلصَّـٰفِنَـٰتُ ٱلْجِيَادُ ﴿٣١﴾
उस समय को याद करें, जब अस्र के समय उनके सामने तेज़ दौड़ने वाले असली घोड़े लाए गए, जो तीन पैरों पर खड़े और चौथे को उठाए हुए थे। ये उत्तम नस्ल के घोड़े उनपर प्रदर्शित किए जाते रहे, यहाँ तक कि सूरज डूब गया।