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आयत 25

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَغَفَرْنَا لَهُۥ ذَٰلِكَ ۖ وَإِنَّ لَهُۥ عِندَنَا لَزُلْفَىٰ وَحُسْنَ مَـَٔابٍ ﴿٢٥﴾

तो हमने उनकी बात स्वीकार कर ली और उनकी इस ग़लती को क्षमा कर दिया। और निश्चित रूप से वह हमारे पास समीपवर्ती लोगों में से हैं। और आखिरत में उनके लिए अच्छा ठिकाना है।