तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالَ قَآئِلٌ مِّنْهُمْ إِنِّى كَانَ لِى قَرِينٌ ﴿٥١﴾
इन ईमान वालों में से एक कहने वाला कहेगा : दुनिया में मेरा एक साथी था, जो दोबारा जीवित होकर उठने का इनकार करता था।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالَ قَآئِلٌ مِّنْهُمْ إِنِّى كَانَ لِى قَرِينٌ ﴿٥١﴾