तफ़सीर अल-मुख़्तसर
رَّبُّ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا وَرَبُّ ٱلْمَشَـٰرِقِ ﴿٥﴾
वह आकाशों का स्वामी, धरती का स्वामी और उन दोनों के बीच मौजूद सभी चीज़ों का स्वामी है, तथा सूर्य का स्वामी है उसके साल भर उदय होने और यास्त होने के स्थानों में।