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الصافات

आयत 164

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَمَا مِنَّآ إِلَّا لَهُۥ مَقَامٌ مَّعْلُومٌ ﴿١٦٤﴾

फ़रिश्तों ने अल्लाह के प्रति अपनी दासता और मुश्रिकों के दावों से अपने बरी होने को स्पष्ट करते हुआ कहा : हममें से प्रत्येक व्यक्ति का अल्लाह की इबादत और उसकी आज्ञाकारिता में एक नियत स्थान है।