तफ़सीर अल-मुख़्तसर
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلصَّـٰٓفَّـٰتِ صَفًّا ﴿١﴾
मैं उन फ़रिश्तों की क़सम खाता हूँ जो अपनी इबादत में एक दूसरे से मिलकर पंक्तिबद्ध खड़े होते हैं।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلصَّـٰٓفَّـٰتِ صَفًّا ﴿١﴾