तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَجَعَلْنَا فِيهَا جَنَّـٰتٍ مِّن نَّخِيلٍ وَأَعْنَـٰبٍ وَفَجَّرْنَا فِيهَا مِنَ ٱلْعُيُونِ ﴿٣٤﴾
और इस भूमि में, जिसपर हमने बारिश बरसाया, खजूर और अंगूर के बाग बना दिए और उनकी सिंचाई के लिए उनमें पानी के स्रोत जारी कर दिए।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَجَعَلْنَا فِيهَا جَنَّـٰتٍ مِّن نَّخِيلٍ وَأَعْنَـٰبٍ وَفَجَّرْنَا فِيهَا مِنَ ٱلْعُيُونِ ﴿٣٤﴾