तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قُل لَّا تُسْـَٔلُونَ عَمَّآ أَجْرَمْنَا وَلَا نُسْـَٔلُ عَمَّا تَعْمَلُونَ ﴿٢٥﴾
(ऐ रसूल) आप उनसे कह दें : हमने जो पाप किए हैं, उनके बारे में क़ियामत के दिन तुमसे नहीं पूछा जाएगा, और जो कुछ तुम कर रहे थे, उसके बारे में हमसे नहीं पूछा जाएगा।