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سبأ

आयत 11

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَنِ ٱعْمَلْ سَـٰبِغَـٰتٍ وَقَدِّرْ فِى ٱلسَّرْدِ ۖ وَٱعْمَلُوا۟ صَـٰلِحًا ۖ إِنِّى بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرٌ ﴿١١﴾

(ऐ दाऊद) तुम विस्तृत कवचें बनाओ, जो तुम्हारे सेनानियों को उनके दुश्मन की वार से बचा सकें। और कीलों को कड़ियों के अनुकूल बनाओ। उन्हें इतनी पतली न बनाओ कि कड़ियों के अंदर रुक न पाएँँ और न ही वे इतनी मोटी हों कि उनके अंदर घुस न सकें। तथा सत्कर्म करते रहो। मैं तुम्हारे कर्मों को भली-भाँति देख रहा हूँ। तुम्हारे कर्मों में से कुछ भी मुझसे छिपा नहीं है, और मैं तुम्हें उनका बदला दूँगा।